नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अमेरिका और चीन के बीच उपजे ट्रेड वार ने भारत के लिए जो संभावनाएं बनाई है आम बजट 2020-21 ने उनका फायदा उठाने की पूरी कोशिश की है। वित्त मंत्री ने ना सिर्फ देश को मोबाइल फोन, चिप, सेमीकंडक्टर का वैश्विक निर्माण हब के तौर पर पेश किया है बल्कि यह भी कहा है कि भारत ग्लोबल वैल्यू चेन का अहम हिस्सा बनने के लिए तैयार है।
इसके साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह सस्ते आयात से अपने उद्योगों को बचाने के लिए भी पूरी तरह से तैयार है। यही वजह है कि फुटवियर, खिलौने आदि पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया गया है। दूसरे शब्दों कहें तो एक तरफ तो चीन में निर्माण इकाई लगाने वाली विदेशी कंपनियों को भारत के प्रति आकर्षित किया गया है जबकि दूसरी तरफ चीन की कंपनियों को भी संदेश दिया गया है कि वह भी भारत में निर्माण इकाई खोले।
पिछले वर्ष अमेरिका व चीन के बीच ट्रेड वार चरम पर पहुंचा है जिसका अभी तक पटाक्षेप नहीं हो पाया है। इससे कई अमेरिकी व दूसरी कंपनियां अपना निर्माण स्थल चीन से बाहर ले जाने पर विचार करने लगी हैं। अगर इन कंपनियों को अच्छा माहौल मिले तो भारत उनकी पसंदीदा जगह हो सकती है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि, मैं मोबाइल फोन, इलेक्ट्रोनिक उपकरण, सेमिकंडक्टर पैकेजिंग का निर्माण भारत में करने का एक आकर्षक प्रस्ताव पेश करती हूं। ये उद्योग काफी प्रतिस्पर्द्धी हैं और भारत कम लागत का फायदा उठा सकता है। घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से ज्यादा निवेश लाएगा और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के भी ज्यादा अवसर बनाएगा।
उन्होंने कहा कि मेडिकल उपकरणों के मामलों में भी यह नीति आजमाई जा सकती है। इसके बाद उन्होंने फुटवियर और फर्नीचर जैसे उत्पादों के आयात को हतोत्साहित करने के लिए सीमा शुल्क की दर बढ़ाने का ऐलान किया। साथ ही वित्त मंत्री ने मुक्त व्यापार समझौतों की समीक्षा करने का भी बात कही है ताकि बड़ी मात्रा में आ रहे विदेशी उत्पादों पर लगाम लग सके।