नोएडा. कोरोना के संकटकाल में नेकी के लिए नए दरवाजे खुल रहे हैं। कोविड-19 संक्रमण से पीड़ितों के लिए स्कूल के बच्चे भी पीछे नहीं हैं। नोएडा के कक्षा 10वीं के छात्र आदि कृष्णा भी उन्हीं में से एक हैं, लेकिन उनका काम थोड़ा अलग और इनोवेटिव है। पीएम मोदी की अपील पर यह बच्चा लोगों की मदद के लिए टेक्नोलॉजी की मदद से ग्रीटिंग्स और वीडियो बनाकर प्रेरित करने का अनूठा कैंपेन चला रहा है। प्रशंसा और प्रेरणा से भरे उसके कैंपेन का नाम है- कोविड 19 हार्ट्स ऑफ गोल्ड।
अनूठी है आदि की सोच
देश में पीएम मोदी की पीएम केयर्स फंड में दान की अपील के बाद लोग अपने-अपने स्तर पर दान दे रहे हैं। आदि चाहता है कि अब तक 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा दान देने वाले ऐसे लोग, सेलेब्रिटीज, कंपनियां, लीडर्स और संगठन अपने इस नेक काम के लिए अच्छा महसूस करें। उन्हें तारीफ मिलेगी तो वे दूसरे लोगों तक उनका सकारात्मक संदेश पहुंचाएंगे ताकि और भी लोग प्रेरित होकर खुल दिल से दान के लिए आगे आएं।
खुद प्रोग्रामिंग सीखी
लॉकडाउन के समय में इस सोच को हकीकत बनाने के लिए आदि ने 4 हफ्तों तक लगातार दिन-रात जुटकर प्रोग्रामिंग करना सीखा। उसने हर जगह से मिले दान के डेटा को जमा किया और उसकी सच्चाई की पड़ताल करके एक जगह जमा करके पूरी लिस्ट बनाई और फोटो के साथ जानकारी अपलोड की। इसके साथ आदि ने इस जानकारी की मदद से हर एक दानदाता के लिए खास ग्रीटिंग्स बनाएं और वीडियो में अपना धन्यवाद संदेश रिकॉर्ड किया।
टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल
इसके बाद आदि ने https://www.covid19heartsofgold.org/ वेबसाइट और ऐसे ही 141 पर्सनलाइज्ड वेबपेज बनाए। उसने दानदाताओं का आभार जताने के लिए सोशल मीडिया की भी मदद ली और इंस्टाग्राम पर इन हस्तियों को 165 पर्सनलाइज्ड थैंक्यू नोट भेजे। फेसबुक पर 146 पोस्ट लिखीं और यूट्यूब पर 32 वीडियो बनाकर अपलोड किए, साथ ही 177 ट्वीट्स भी किए।
बना दूसरों के लिए प्रेरणा
जहां लॉकडाउन के कारण बच्चे अपने पढ़ाई को लेकर चिंतित है, वहीं आदि ने उस चिंता को पॉजिटिव कैंपेन में बदल दिया। इसी कारण कई सेलेब, हिंदुस्तान और अडाणी जैसे बड़े कार्पोरेट ग्रुप्स,केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू और हरदीप पुरी, पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन आदि ने आदि के कैंपेन की तारीफ की है। आज 300 से ज्यादा साथी छात्र साथ जुड़ चुके हैं और हजारों लोग उसके काम से प्रभावित होकर सराहना कर रहे हैं।