नई दिल्ली. इतिहास गवाह है कि जब भी शेयर बाजार में नुकसान की आशंका हो, डॉलर की तुलना में अन्य मुद्रा कमजोर पड़ने की नौबत हो तो सोने के भाव में उछाल देखा जाता है। भारत में सोने का दाम 1965 की तुलना में अभी 746 गुना ज्यादा है। कोरोना संक्रमण के बाद दुनिया में सोने की मांग बढ़ी है और जब भी सोने का दाम पिछले उच्च स्तर के ऊपर गया है, उसकी गति में अप्रत्याशित तेजी आई है। इतना तय है कि 3 से 5 साल कि अवधि के लिए सोने में निवेश अप्रत्याशित लाभ दे सकता है।
कहां करें निवेश
एचडीएफसी जैसे बैंक डिजिटल गोल्ड सुविधा देते हैं जिसमें 1000 रुपए से शुरू कर घर बैठे सोने में निवेश कर सकते हैं। जब आप चाहें, आप इनकी जगह बैंक से फिजिकल सोना भी प्राप्त कर सकते हैं।
कितना निवेश
आपके कुल निवेश का करीब 10% सोने में होना चाहिए। मौजूदा समय में आप अपने सामर्थ्य के हिसाब से निवेश बढ़ा भी सकते हैं।
80 हजार रुपए प्रति दस ग्राम पहुंच सकती है कीमत
दुनियाभर में फैल चुके कोरोनावायरस संक्रमण के कारण शेयर बाजार और बॉन्ड में गिरावट का माहौल बना हुआ है। मौजूदा हालातों को देखते हुए निवेशकों ने अब सोने में निवेश बढ़ा दिया है। इससे सोने की कीमतों में लगातार उछाल जारी है। इस बीच बैंक ऑफ अमेरिका सिक्युरिटीज (BofA Sec) के एनालिस्टों ने अनुमान जताया है कि 2021 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत 3000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। 3000 डॉलर को यदि आज के भारतीय रुपए में कन्वर्ट किया जाए तो यह राशि 2,28,855 रुपए बैठती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव औंस के हिसाब से तय होता है। एक औंस में 28.34 ग्राम वजन होता है। ऐसे में एक ग्राम सोने की कीमत 8075 रुपए होती है। इस दर से 10 ग्राम सोने की कीमत 80,753 रुपए होती है। सामान्य तौर पर भारत में सोने का कारोबार प्रति 10 ग्राम के आधार पर होता है। शुक्रवार दोपहर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून का सोने का वायदा भाव 46,731 रुपए प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में भारत में अगले डेढ़ साल में करीब 75 फीसदी की तेजी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अभी 1750 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
ऑनलाइन खरीद सकते हैं सोना
आप 3 तरह से गोल्ड खरीद सकते हैं
फिजिकल गोल्ड
आप इसे आभूषण या सोने के बिस्कुट और ज्वैलर्स के सिक्कों के रूप में खरीद सकते हैं। ज्वैलर्स के अलावा, आप कुछ खास बैंकों से भी सोने के सिक्के खरीद सकते हैं। कई ज्वैलर्स आपको ऑनलाइन सोना खरीदने की भी सुविधा देते है। ये सोना आपके घर पहुंचा दिया जाता है।
गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF)
सोने को शेयरों की तरह खरीदने की सुविधा को गोल्ड ईटीएफ कहते हैं। यह म्यूचुअल फंड की स्कीम है। ये एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड हैं जिन्हें स्टॉक एक्सचेंजों पर खरीदा और बेचा जा सकता है। चूंकि गोल्ड ईटीएफ का बेंचमार्क स्पॉट गोल्ड की कीमतें है, आप इसे सोने की वास्तविक कीमत के करीब खरीद सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए आपके पास एक ट्रेडिंग डीमैट खाता होना चाहिए। इसमें सोने की खरीद यूनिट में की जाती है। इसे बेचने पर आपको सोना नहीं बल्कि उस समय के बाजार मूल्य के बराबर राशि मिलती है। यह सोने में निवेश के सबसे सस्ते विकल्पों में से एक है। इसकी खरीद यूनिट में की जाती है। आमतौर पर ईटीएफ के लिए डीमैट खाता जरूरी होता है। इन्हें शेयरों की तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के कैश मार्केट में खरीदा-बेचा जा सकता है। इसमें कोई न्यूनतम लॉट साइज नहीं होता है। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है। निवेशक इसकी यूनिट्स को एकमुश्त या फिर सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये थोड़ा-थोड़ा भुगतान कर खरीद सकते हैं।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
ये बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा भारत सरकार की ओर से जारी किए जाते हैं और स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड किए जाते हैं। आप एक ग्राम भी सोना खरीद सकते हैं। सॉवरेन गोल्ड बांड एक सरकारी बांड होता है। इसे डीमैट रूप में परिवर्तित कराया जा सकता है। इसका मूल्य रुपए या डॉलर में नहीं होता है, बल्कि सोने के वजन में होता है। यदि बांड पांच ग्राम सोने का है, तो पांच ग्राम सोने की जितनी कीमत होगी, उतनी ही बांड की कीमत होगी। इसे खरीदने के लिए सेबी के अधिकृत ब्रोकर को इश्यू प्राइस का भुगतान करना होता है। बांड को भुनाते वक्त पैसा निवेशक के खाते में जमा हो जाता है। यह बांड भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) सरकार की ओर से जारी करता है। सरकार ने अगले 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सितबंर तक 6 बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) जारी करने का फैसला किया है। टाइमलाइन के मुताबिक, बॉन्ड सितंबर तक 6 किस्तों में जारी किए जाएंगे। इन्हे बैंकों और बडे डाकघरों से खरीदा जा सकेगा।