यूएन ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6% से घटाकर 5.7% किया

नई दिल्ली. यूनाइटेड नेशंस (संयुक्त राष्ट्र) ने 2019-20 में भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.6% से घटाकर 5.7% कर दिया है। यूएन ऐसी 7वीं संस्था है, जिसने भारत का ग्रोथ प्रोजेक्शन घटाया है। इससे पहले वर्ल्ड बैंक, आरबीआई, एसबीआई, एडीबी, मूडीज और नॉमूरा ने भी ग्रोथ प्रोजेक्शन कम किया था। हालांकि, यूएन का अनुमान सरकार और आरबीआई के 5% के अनुमान से 0.7% ज्यादा है। यूएन का प्रोजेक्शन ऐसे समय सामने आया है, जब चीन ने भी विकास दर के आंकड़े जारी किए हैं। अमेरिका से ट्रेड वॉर की वजह से चीन की ग्रोथ 2019 में 6.1% रही। यह 29 साल में सबसे कम है। फिर भी भारत की अनुमानित ग्रोथ से 1.1% ज्यादा है।
जीडीपी ग्रोथ में गिरावट की 3 वजह
1. ऑटो सेक्टर: इस सेक्टर में पिछले साल मंदी छाई रही। गाड़ियों की बिक्री में 19 साल की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। देश की जीडीपी में ऑटो इंडस्ट्री का 7% और मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी में 49% शेयर है।
2. आईआईपी: सितंबर में कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती जैसे बड़े कदम के बावजूद देश में औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती बनी हुई है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (आईआईपी) में लगातार गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में आईआईपी 4.3% घट गया। यह 8 साल में सबसे तेज गिरावट थी। अक्टूबर में 3.8% कमी आई। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में सुधार की वजह से नवंबर में औद्योगिक उत्पादन में 1.8% तेजी आई।
3. एनबीएफसी: अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, जीडीपी ग्रोथ में गिरावट की एक वजह नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) का नकदी संकट भी है।
इकोनॉमी के 3 अन्य इंडिकेटर: देश में महंगाई बढ़ रही, रोजगार घट रहे, लेकिन शेयर बाजार में उछाल
1. खुदरा महंगाई दर साढ़े पांच साल में सबसे ज्यादा
दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 7.35% रही। यह जुलाई 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। सब्जियों खासकर प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से दिसंबर में महंगाई दर ज्यादा प्रभावित हुई। सब्जियां दिसंबर में 60.5% महंगी हुईं। दालों की कीमतों में 15.44% इजाफा हुआ।
2. बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे ज्यादा, इस साल 16 लाख रोजगार घटेंगे
एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट ईकोरैप में यह आशंका जताई गई है। इसके मुताबिक 2018-19 में देश में 89.7 लाख रोजगार बढ़े, लेकिन 2019-20 में इस आंकड़े में 15.8 लाख की कमी आ सकती है। ईपीएफओ के आंकड़ों में 15,000 रुपए तक वेतन वाले काम शामिल होते हैं। आर्थिक मामलों पर रिसर्च करने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के मुताबिक, 13 जनवरी 2020 की स्थिति के अनुसार देश में बेरोजगारी दर 7.6% है। सरकार ने भी एनएसएसओ की रिपोर्ट में कहा था कि बेरोजगारी दर 2017-18 में 6.1% थी। यह 45 साल में सबसे ज्यादा है।
3. शेयर बाजार रिकॉर्ड स्तर पर
सेंसेक्स पहली बार 42,000 के ऊपर है। पिछले दिनों कुछ बड़ी गिरावटों के बावजूद सेंसेक्स बीते डेढ़ महीने में 1000 अंक के फायदे में रहा है। 27 नवंबर को 41000 पर था। विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में तेजी आ रही है। इस महीने विदेशी निवेशकों ने अब तक करीब 524 करोड़ रुपए का नेट इन्वेस्टमेंट किया है।
 

Editor Gaon Ki Khabar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

अधीर रंजन ने कहा- ममता और धनखड़ दोनों जोकर

Fri Jan 17 , 2020
मिदनापुर (प. बंगाल). कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को मिदनापुर में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच जारी खींचतान पर तंज कसा। चौधरी ने कहा, “बंगाल में राजभवन (गवर्नर हाउस) और नबन्ना भवन (राज्य सचिवालय) के बीच सर्कस चल रहा है। दोनों […]

ताज़ा खबरें