मॉस्को, रायटर। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश की संसद को प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख पदों के लिए व्यक्तियों को चुनने की शक्ति देने का प्रस्ताव रखा है। इसे रूसी संविधान में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। कुछ लोग इसे पुतिन के राजनीतिक भविष्य के संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं। बतौर राष्ट्रपति पुतिन का वर्तमान कार्यकाल 2024 में समाप्त होगा।
पुतिन ने बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा कि वह संसद के निचले सदन डुमा को देश का प्रधानमंत्री तय करने की शक्ति देने का प्रस्ताव करते हैं। प्रधानमंत्री ही देश के उप प्रधानमंत्रियों और सरकार के मंत्रियों के नाम संसद के समक्ष पेश करेगा। संसद द्वारा इन नामों को मंजूरी दिए जाने के बाद राष्ट्रपति इनकी नियुक्ति करने के लिए बाध्य होंगे। राष्ट्रपति को किसी भी कीमत पर संसद द्वारा मंजूर नामों को अस्वीकार करने की अनुमति नहीं होगी। पुतिन ने कहा कि वह इस पर बहुत गंभीर हैं और इस मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी जनमत संग्रह भी कराना चाहते हैं।
1999 से रूस की सत्ता पर काबिज हैं पुतिन
आलोचक पुतिन पर विश्व के सबसे बड़े राष्ट्र की सत्ता में किसी न किसी प्रकार से बने रहने की साजिश रचने का आरोप लगाते रहे हैं। देश में स्थिरता के चलते जहां वह कई लोगों के बीच लोकप्रिय हैं वहीं कई अन्य लोगों को लगता है कि वह बहुत लंबे समय से सत्ता में हैं और अब उन्हें हट जाना चाहिए। 67 साल के पुतिन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के तौर पर 1999 से रूस की सत्ता पर काबिज हैं। राष्ट्रपति के तौर पर उनका चौथा कार्यकाल 2024 में खत्म होगा। वर्तमान संविधान के अनुसार कोई भी राजनेता लगातार दो से अधिक बार राष्ट्रपति नहीं बन सकता।