मनीला. फिलीपींस के सक्रिय ज्वालामुखी में से एक ‘ताल’ ज्वालामुखी सोमवार सुबह भड़कने लगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, ज्वालामुखी कुछ ही समय में फट जाएगा। ताल लेक पर मौजूद इस ज्वालामुखी के भड़कते ही मनीला का मौसम काफी खराब हो गया। इसका लावा 32000 से 49000 फीट (करीब 10-15 किमी.) दूर तक फैला है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने करीब 8,000 स्थानीय लोगों को बाहर निकाल लिया है। आशंका है कि अगर ज्वालामुखी फटा, तो इसका लावा ताल लेक में गिरेगा, जिससे आसपास के इलाकों में सुनामी आ सकती है।
ताल दुनिया के सबसे छोटे ज्वालामुखियों में से एक है। हालांकि, यह फिलीपींस का दूसरा सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है। पिछले 450 सालों में यह 34 बार फट चुका है। आखिरी बार यह 1977 में फटा था। 1974 में यह कई महीनों तक भड़का था। 1911 में इसमें विस्फोट हुआ था और करीब 1500 लोगों की मौत हुई थी।
संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई चिंता
रविवार देर शाम ही ज्वालामुखी से लावा और राख निकलना शुरू हो गया था। इसके चलते ताल के पूरे क्षेत्र में अब तक 75 भूकंप के झटके आ चुके हैं। इनमें से 32 झटके लेवल-2 के (कमजोर) थे। यूनाइटेड नेशंस के ह्यूमैनिटेरियन अफेयर्स के ऑफिस- ओसीएचए फिलीपींस ने कहा कि ज्वालामुखी के आसपास 14 किमी के दायरे में 4.5 लाख लोग रहते हैं। उन्हें जल्द से जल्द ताल ज्वालामुखी के डेंजर जोन से निकालने का काम किया जाना चाहिए। फिलीपींस के इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (फिवोल्क्स) ने फिलहाल अलर्ट लेवल को 3 से बढ़ाकर 4 पर कर दिया है। यह गंभीर खतरे का निशान है।
Lava fountain from Taal Volcano Main Crater @3:20AM pic.twitter.com/YmLaMJU1vQ
— PHIVOLCS-DOST (@phivolcs_dost) January 12, 2020
मनीला में हवा खराब, सरकारी ऑफिस-स्कूल बंद
फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने मनीला और आसपास के इलाकों में फैली राख और खराब हवा को देखते हुए सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों को सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों की देखभाल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों को घर के अंदर रहने की चेतावनी भी जारी की गई है। मनीला एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 286 फ्लाइट्स को उड़ान भरने से रोक दिया गया है। मनीला के पास क्लार्क फ्रीपोर्ट को खुला रखा गया, हालांकि, यहां भी विमानों को सावधानी के साथ उड़ान भरने के लिए कहा गया है।